घूसखोरी के मामले में एक मेजर जनरल (सेवा निवृत्‍त) को तीन वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 22.08.2019

सीबीआई मामलो के विशेष न्‍यायाधीश, राउज एवेन्‍यू कोर्ट, नई दिल्‍ली ने घूसखोरी के मामले में मेजर जनरल (सेवा निवृत्‍त) एस.पी. मुरगई को 25,000 रू. के जुर्माने सहित तीन वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 8 एवं 9 के तहत 03.02.2006 को एक मामला दर्ज किया। ऐसा आरोप था कि भारतीय सेना को रक्षा औजार अर्थात हैण्‍ड हेल्‍ड थर्मल इमेजर्स (एच.एच.टी.आई.) की आपूर्ति हेतु आदेश प्राप्‍त करने के मामले में रक्षा मंत्रालय (एम.ओ.डी.) के कर्मियों के साथ व्‍यक्तिगत प्रभाव का प्रयोग कर प्रभावित करने के उद्देश्‍य से या पुरस्‍कार के तौर पर तहलका डॉट कॉम के प्रतिनिधि से मेजर जनरल एस.पी. मुरगई (सेवा निवृत्‍त) ने 70,000 रू. की अवैध रिश्‍वत प्राप्‍त की।

गहन जॉंच के पश्‍चात, दिनांक 31.10.2007 को नई दिल्‍ली की नामित अदालत के समक्ष आरोप पत्र पेश किया गया। विचारण अदालत ने आरोपी को कसूरवार पाया व उन्‍हे दोषी ठहराया।

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