अलग-अलग  मामलों में भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक एवं एक अन्‍य आरोपी को दो से चार वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 30.07.2019

एर्नाकुलम (केरल) की नामित अदालत ने गैर-आनुपातिक सम्‍पत्ति के मामले में भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पलक्‍कड़ के पूर्व परियोजना निदेशक श्री बितला वेणुगोपाल को 30 लाख रू. के जुर्माने सहित दो वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

  सीबीआई ने मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि श्री बितला वेणुगोपाल ने 01.04.2004 से 08.06.2008 के दौरान भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परियोजना कार्यान्‍वयन ईकाई, पलक्‍कड़ के परियोजना निदेशक के तौर पर कार्य करते हुए अपने एवं अपने पारिवारिक सदस्‍यों के नाम पर अपने आय के ज्ञात स्रोत से 29,15,345 रू. (लगभग) की गैर-आनुपातिक सम्‍पत्ति एकत्र की। जॉंच के पश्‍चात, नामित अदालत में आरोप पत्र दायर हुआ।

एक अन्‍य मामले में, ए.सी.एम.एम, राऊज एवेन्‍यू कोर्ट, नई दिल्‍ली ने आरोपी श्री सत्‍यपाल सिंह को 15 लाख रू. के जुर्माने के साथ 04 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। 15 लाख रू. जुर्माने में से 12 लाख रू. की राशि डाक विभाग, संचार मंत्रालय, नई दिल्‍ली को मुआवजा के तौर पर भुगतान की जाएगी।

सीबीआई ने डाक विभाग, नई दिल्‍ली से प्राप्‍त शिकायत के आधार पर दिनांक 19.04.2004 को मामला दर्ज किया। ऐसा आरोप था कि आरोपी ने नकली फ्रैंकलीन डाई एवं छाप का प्रयोग किया और डाक विभाग को 10,29,934 रू. (लगभग) की हानि पहुँचाई। जॉंच के पश्‍चात, भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420, 467, 468 एवं 471 तथा उनके प्रमुख अपराधों के तहत आरोप पत्र दायर किया।

विचारण अदालत ने आरोपियों को कसूरवार पाया व उन्‍हे दोषी ठहराया।

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