गैर-अनुपातिक सम्‍पत्ति के मामले में डाक विभाग के एक कर्मी को 1.57 करोड़ रू.के जुर्माने सहित दो वर्ष की कठोर कारावास की सजा

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 27.06.2019

सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश, एर्नाकुलम (केरल) ने भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(ई) के तहत डाक विभाग, कन्‍नूर के तत्‍कालीन मेल ओवरसियर श्री पी.पी. मधुसुधनन् नाम्बियार को दोषी ठहराया एवं उन्‍हे 1.57 करोड़ रू.के जुर्माने सहित दो वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने मेल ओवरसियर श्री पी.पी. मधुसुधनन्  नाम्बियार के विरूद्ध मामला दर्ज किया जिसमें आरोपी पर 01.01.2003 से 23.04.2010 के दौरान चिराक्‍कल डाक घर, तालीपरम्‍बा डाक घर एवं उप मण्‍डल डाक घर, कन्‍नूर में कार्य करते हुए अपने एवं अपने पारिवारिक सदस्‍यों के नाम पर गैर-अनुपातिक सम्‍पत्ति एकत्र करने का आरोप है जो उनके आय के ज्ञात स्रोत से अधिक थी। यह राशि 1,59,14,146 रू. थी।

गहन जॉंच के पश्‍चात, सक्षम अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया। विचारण अदालत ने आरोपी को कसूरवार पाया व उन्‍हें दोषी ठहराया।

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