सीबीआई मुख्‍यालय में छठी इन्‍टरपोल सम्‍पर्क अधिकारी सम्‍मेलन का केन्‍द्रीय गृह सचिव ने उद्घाटन किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 20.06.2019

केन्‍द्रीय गृह सचिव श्री राजीव गौबा ने सीबीआई (मुख्‍यालय), नई दिल्‍ली में दो दिवसीय, छठी इन्‍टरपोल सम्‍पर्क  अधिकारी सम्‍मेलन -2019 का आज उद्घाटन किया। यह सम्‍मेलन सीबीआई के द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो कि भारत में राष्‍ट्रीय केन्‍द्रीय ब्‍यूरो (एन.सी.बी.) है एवं इटरपोल में भारत का प्रतिनिधित्‍व करता है। राज्‍यों, संघ शासित प्रदेशों एवं अन्‍य विधि प्रर्वतन एजेन्सियों के अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, संयुक्‍त पुलिस आयुक्‍त, निदेशक, अतिरिक्‍त निदेशक, संयुक्‍त निदेशक, पुलिस उप-महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित लगभग 37 इन्‍टरपोल सम्‍पर्क अधिकारियों (आई.एल.ओ.) ने सम्‍मेलन में हिस्‍सा लिया।

अपने उद्घाटन सम्‍बोधन में, केन्‍द्रीय गृह सचिव श्री राजीव गौबा ने कहा कि विधि प्रर्वतन एजेन्सियों को इन्‍टरपोल की कार्य प्रणाली एवं इनके ऑकड़े और इन्‍हे कैसे प्रभावी ठंग से प्रयोग करें, के बारे में अपनी जानकारी अद्यतन करते रहने की आवश्‍यकता है तथा इस तरह के सम्‍मेलन महत्‍वपूर्ण हो जाते है। गृह सचिव ने कहा कि यद्यपि शब्‍द ‘‘ वैश्‍वीकरण ’‘ (Globlization) सामान्‍यत: आर्थिक-व्‍यापार उदारीकरण एवं विदेशी निवेश की अनुमति आदि के लिए लगभग समान रूप से प्रयोग किया जाता है, तकनीकी अविष्‍कारों के कारण, अपराध भी वैश्‍वीक हो गया है। डिजिटल क्रान्ति, अपराधियों को सीमा पार धन स्‍थानान्‍तरण की आजादी देती है। इस प्रकार, वित्‍तीय वैश्‍वीकरण एवं डिजिटल तकनीक का खतरनाक संगम, साइबर अपराध, मादक पदार्थों के व्‍यापार एवं आतंक को वित्‍त पोषण की सुविधा प्रदान करता है। गृह सचिव ने जोर देकर कहा कि डिजिटल क्रान्ति के दौर में, विधि प्रर्वतन एजेन्सियों ने महसूस किया है कि वे एक दायरे में काम नही कर सकती। असीमित इन्‍टरनेट एवं सरल आवागमन के दौर में, अपनी प्रतिक्रियाओं को अनुकूल बनाने के लिए विधि प्रर्वतन एजेन्सियों के मध्‍य वास्‍तविक समय पर सूचनाओं के अदान प्रदान एवं अधिक से अधिक पारस्‍परिक सहयोग अत्‍यावश्‍क है। उन्‍होने कहा कि इण्‍टरपोल, इस प्रयास मे अपने सदस्‍य देशों की विधि प्रर्वतन एजेन्सियों को सहायता प्रदान करने के लिए विशेष रूप से तत्‍पर्य है।

श्री गौबा ने कहा कि 53 वर्षों के दौरान, भारतीय राष्‍ट्रीय केन्‍द्रीय ब्‍यूरो के तौर पर नामित होने से सीबीआई, भारतीय एजेन्सियों के लिए इण्‍टरपोल की खिड़की होते हुए, इन्‍टरपोल के साधन एवं ऑंकड़ों के प्रयोग में सीबीआई ने महत्‍वपूर्ण विशेषज्ञता प्राप्‍त कर ली है। उन्‍होने यह भी कहा कि सूचना क्रान्ति की शक्ति को एजेन्सियों के द्वारा पूर्ण रूप से प्रयोग में लाना चाहिए।

सीबीआई,भारतीय राष्‍ट्रीय केन्‍द्रीय ब्‍यूरो (अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पुलिस सहयोग ईकाई) होते हुए भारतीय विधि प्रवर्तन एजेन्सियों के साथ समन्‍वय बना रही हैं एवं अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पुलिस सहयोग के मामले में उनकी सहायता कर रही है। राज्‍य विधि प्रवर्तन एजेन्सियों के साथ सहयोग के लिए इन्‍टरपोल सम्‍पर्क अधिकारीयों (आई. एल. ओ. एस.) को सम्‍पर्क सूत्र के तौर पर नियुक्‍त किया गया है। दो दिवसीय, इण्‍टरपोल सम्‍पर्क अधिकारियों के सम्‍मेलन में प्रत्‍यर्पण; इण्‍टरपोल के कार्य सम्‍बन्धि ऑकड़ा प्रबन्‍धन तथा खोज साधन एवं आर.पी.डी/ रेड नोटिस सहित इन्‍टरपोल नोटिसेज प्रणाली पर विचार विमर्श होगा।

निदेशक, सीबीआई श्री ऋषि कुमार शुक्‍ला ने कहा कि सम्‍मेलन का उद्देश्‍य, इण्‍टरपोल की कार्यप्रणाली एवं क्षमताओं के बारे में इण्‍टरपोल सम्‍पर्क अधिकारियों को परिचित कराने एवं अद्यतन करने के साथ अपने अनुभव साझा करने का एक मंच प्रदान करना है।

निदेशक ने यह भी कहा कि इण्‍टरपोल, नए उभरते अपराधों से लड़ने के लिए अपने संसाधनों को लगातार अद्यतन कर रहा है और सदस्‍य देशों को महत्‍वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहा है। नीतिगत, कार्यवाही या सामरिक निर्णयों में अच्‍छी तरह से सूचित होने के लिए विधि प्रर्वतन समुदाय को योग्‍य बनाने हेतु ऑकड़ा आधार की गुणवत्‍ता को सुधारने में सदस्‍य देशों के लिए भी सहायक है।

आई एल ओ सम्‍मेलन, वर्ष 2003 से आई.पी.सी.यू., सीबीआई के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। अब तक पॉंच सम्‍मेलन आयोजित किए जा चुके है।

इस अवसर पर संघ के गृह सचिव ने ’‘ इन्‍वेस्‍टीगेशन अबरोड एण्‍ड एक्‍ट्राडीशन ‘’ पर एक हैण्‍ड बुक को भी जारी किया।

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