सीबीआई ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सी.जी.एल. परीक्षा में प्रश्‍न पत्र लीक करने से सम्‍बन्धित मामले की जारी जॉंच में तीन आरोपी व्‍यक्तियों को गिरफ्तार किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 06.06.2019

सीबीआई ने ऑन लाइन आधारित सी.जी.एल. परीक्षा, 2017 में प्रश्‍न पत्र लीक करने से सम्‍बन्धित जारी जॉंच में तीन आरोपियों (निजि व्‍यक्तियों) को गिरफ्तार किया। दिल्‍ली एवं गाजि़याबाद सहित चार स्‍थानों पर तलाशी ली गई जिसमें आपत्तिजनक दस्‍तावेज/ सामान बरामद हुए।

सभी गिरफ्तार आरोपियों को सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश दिल्‍ली के समक्ष पेश किया गया एवं 10 जून, 2019 तक के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया।

सीबीआई ने ऑन लाइन आधारित सी.जी.एल टायर-।। परीक्षा 2017 को आयोजित करने में आपराधिक षड़यंत्र, धोखाधडी लोक सेवकों के द्वारा आपराधिक अवाचार तथा कम्‍प्‍यूटर संसाधनों का प्रयोग कर परनाम धारण के द्वारा धोखाधड़ी के आरोपो पर भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी, 420, भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी के तहत उम्‍मीदवारों, नोयडा (उत्‍तर प्रदेश) स्थित निजि तकनीकी कम्‍पनी के कर्मिकों तथा एस.एस.सी. के आज्ञात कर्मिकों और अन्‍य अज्ञात व्‍यक्तियों सहित कुछ निजि व्‍यक्तियों के विरूद्ध दिनांक 22.05.2018 को मामला दर्ज किया। कर्मचारी चयन आयोग (एस.एस.सी.) ने संयुक्‍त स्‍नातक स्‍तर (सी.जी.एल.) टायर-। परीक्षा, 2017 हेतु अगस्‍त, 2017 में ऑन लाइन आधारित परीक्षा आयोजित किया। ऐसे उम्‍मीदवार जिन्‍होने टायर-। परीक्षा की कट ऑफ लिस्‍ट में उत्‍तीर्ण किया, वे ऑन लाइन आधारित सी.जी.एल. टायर-।। परीक्षा, 2017 में उपस्थित हुए जिसका परीक्षा कार्यक्रम 17.02.2018 से 22.02.2018 के मध्‍य रहा। इस सी.जी.एल परीक्षा को आयोजित कराने में बाहर की सेवाऍं (Out Sourcing) लेने के लिए नोयडा (उत्‍तर प्रदेश) स्थित निजि तकनीकी कम्‍पनी के साथ समझौता किया। समझौते के अनुसार, निजि कम्‍पनी को कम्‍प्‍यूटर आधारित परीक्षा कराने का कार्य सौपा गया एवं समस्‍त भारत के परीक्षा केन्‍द्रों की पहचान व उन्‍हें तैयारी करने, प्रश्‍न पत्रों के सेट बनाने हेतु पर्याप्‍त संख्‍या में प्रश्‍नों को तैयार करने, बीयोमेट्रिक एवं उम्‍मीदवारों के पंजीकरण के फोटोग्राफ, प्रत्‍येक परीक्षा केन्‍द्र आदि की सीसीटीवी रिकार्डिंग लेने की भी जिम्‍मेदारी दी गई थी। कम्‍पनी को यह जिम्‍मेदारी भी दी गई थी कि वह उम्‍मीदवारों के कम्‍प्‍यूटरों को ब्राउजिंग,चैटिंग आदि के लिए सभी सम्‍भव वेब संसाधनों के द्वारा किसी भी पहुँच/ जुड़ाव से रोकने की भी जिम्‍मेदारी दी गई थी।

ऐसा आगे आरोप था कि कुछ उम्‍मीदवारों के कम्‍पयूटरों को सॉफ्टवेयर, जिसे उम्‍मीदवारों के व्‍यक्तिगत कम्‍प्‍यूटरों में डाला नही गया था, की सहायता से अज्ञात व्‍यक्तियों के द्वारा दूर बैठ कर नियंत्रित किया गया। इन उम्‍मीदवारों को प्रश्‍नों के उत्‍तर जानने में अज्ञात व्‍यक्तियों (ऐजेन्‍ट/ समाधानकर्ता) के द्वारा कथित रूप से मदद दी गई। ऐसा भी आरोप था कि सी.जी.एल टायर-।। परीक्षा, 2017 के कुछ प्रश्‍नों के स्‍क्रीन शॉट्स सोशल मीडिया पर लीक हुए और लोगो तक पहुँचे। संख्‍यात्‍मक अभियोग्‍यता (क्‍यू ए) परीक्षा दिनांक 21.02.2018 की उत्‍तर कुन्‍जी भी कथित रूप से सोशल मीडिया अर्थात एस.एस.सी. टी.यू.बी.ई. के फेस बुक पेज पर दिनांक 21.02.2018 को प्रात: 10.10 बजे पाई गई जब कि यह परीक्षा उसी दिन 10.30 बजे आयोजित होने वाली थी। चिहिन्‍त लैबों के विभिन्‍न परिसरों एवं दिल्‍ली, नोयडा, मुम्‍बई, चेन्‍नई, शिमला, जयपुर, पटना सहित उक्‍त निजि कम्‍पनी एवं आरोपी के कार्यालयी परिसरों में दिनांक 23.05.2018 को तलाशी भी ली गई।

सीबीआई ने प्रश्‍न पत्रों के कथित लीकेज, सेवा प्रदाता के द्वारा परीक्षा आयोजित करने में पाई गई कमियों एवं अन्‍य सम्‍बन्धित मुद्दों सहित सी.जी.एल. (टायर-।।) हेतु एस.एस.सी. के द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में गलत तौर तरीका अपनाने के आरोप पर कर्मचारी चयन आयोग, नई दिल्‍ली से प्राप्‍त शिकायत के आधार पर पूर्व में ही प्राथमिक जॉच पड़ताल की थी।

मामले में जॉंच जारी है।

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