सीबीआई ने एन.आई.ओ.एस. द्वारा आयोजित माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक परीक्षा में की गई अनियमितताओं हेतु एन. आई.ओ.एस. के कार्मिक सहित दो आरोपियों के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 14.05.2019

के.अ.ब्‍यूरो ने नई दिल्‍ली स्थित एक निजी पॉलिटेक्‍नीक संस्‍थान के मालिक एवं राष्‍ट्रीय मुक्‍त विद्यालयी शिक्षा संस्‍थान (एन.आई.ओ.एस.), गुवाहाटी के तत्‍कालीन कनिष्‍ठ सहायक के द्वारा माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक परीक्षा के दौरान की गई अनियमितताओं पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी/109 के साथ पठित धारा 201, 420, 467,468 एवं 471 के तहत सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश की अदालत, भोपाल में आरोप पत्र दायर किया। अप्रैल, 2017 में एन.आई.ओ.एस.के द्वारा परीक्षा आयोजित की गई।

वर्तमान मामला दिनांक 23.07.2018 को दर्ज किया गया। ऐसा आरोप था कि कक्षा 10 एवं 12 के लिए एन.आई.ओ.एस. द्वारा मध्‍य प्रदेश के तीन परीक्षा केन्‍द्रो यथा सिहोर, रतलाम और उमरिया में आयोजित परीक्षा में उपस्थित न होने वाले छात्रों को भारी संख्‍या में एन.आई.ओ.एस.के द्वारा उत्‍तीर्ण घोषित किया गया। इस उद्देश्‍य के लिए परीक्षार्थियों के उपस्थिति पत्रकों एवं उत्‍तर पत्रकों में कथित रूप से जालसाजी एवं छेड़छाड़ की गई। ऐसा आगे आरोप था कि उक्‍त परीक्षा केन्‍द्रों से माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक परीक्षा के उत्‍तर पत्रक मूल्‍यांकन हेतु आर.डी., एन.आई.ओ.एस., मध्‍य प्रदेश के कार्यालय से आर.डी., गुवाहाटी के कार्यालय को प्राप्‍त हुए, जिनमें एन.आई.ओ.एस.के प्रतीक चिन्‍ह (Logo) नही थे।

जॉंच के दौरान, मध्‍य प्रदेश, उड़ीसा, असम, सिक्किम, हरियाणा एवं दिल्‍ली के राज्‍यों में स्थित 26 स्‍थानों पर तलाशी ली गई। तलाशी के परिणाम स्‍वरूप आरोपियों की संलिप्‍तता दर्शाने वाले विभिन्‍न आपत्तिजनक दस्‍तावेज बरामद हुए।

पूर्व में, दोनो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था एवं वर्तमान में दोनो न्‍यायिक हिरासत में है।जॉंच से पता चला कि एन.आई.ओ.एस.के कई अज्ञात कर्मियों, माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक कक्षाओं के कुछ छात्र तथा अज्ञात निजी व्‍यक्तियों ने आपस में षड़यंत्र किया और उक्‍त षड़यंत्र के अनुसरण में, एन.आई.ओ.एस.के आधिकारिक दस्‍तावेजों/ उत्‍तर पत्रकों में छेड़छाड़ के द्वारा अप्रैल, 2017 में कक्षा 10 व 12 की परीक्षा में अनुउपस्थित/ अनुर्त्‍तीण छात्रों को उर्त्‍तीण करने की व्‍यवस्‍था की। ऐसा भी आरोप था कि दिल्‍ली में स्थित एक बैंक के माध्‍यम से आर.डी., एन.आई.ओ.एस., गुवाहाटी के कार्यालय में कार्यरत कनिष्‍ठ सहायक (दैनिक भोगी कर्मचारी) के बैंक खाता में भारी धनराशि जमा हुई।

आगे की जॉंच जारी है।

जनमानस को याद रहे कि उपरोक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधरित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

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