सीबीआई ने चिट फण्‍ड मामले में निजी फर्म के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक एवं दो अन्‍य के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 01.05.2019

सीबीआई ने दिल्‍ली स्थित निजी नेटवर्क फर्म के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक; फर्म के तत्‍कालीन निदेशक तथा तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक द्वारा प्रतिनिधित्‍वप्राप्‍त फर्म के विरूद्ध सीबीआई मामलों के विशेष मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी, भुवनेश्‍वर की अदालत में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी, 420, 409 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और ईनामी चिट और धन परिचालन स्‍कीम (पाबंदी) अधिनियम, 1978 की धारा 4, 5, 6 के तहत आरोप पत्र दायर किया। ऐसा आरोप था कि वित्‍तीय वर्ष 2006-7 से 2009-10 के दौरान अनधिकृत एवं अवैध रूप से ओडिशा के 46 निवेशकों से 42,30,000 रू. का जमा सहित कुल 47,88,04,286 रू. (लगभग), आरोपियों ने जनमानस का धन एकत्र किया और उन्‍हे धोखा दिया। ऐसा आगे आरोप था कि आरोपियों ने निवेशित धनराशि वापस नही की और एकत्र जमा पूँजी का गबन किया।

सीबीआई ने वर्ष 2013 की समादेश याचिका (अपराध) संख्‍या 401 में दिनांक 09.05.2014 को जारी माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश के अनुपालन में दिनांक 05.06.2014 को मामला दर्ज किया और ओडिशा राज्‍य के चिट फण्‍ड घोटाले से सम्‍बन्धित आर्थिक अपराध शाखा (EOW), ओडिशा पुलिस, भुवनेश्‍वर में निजी फर्म के विरूद्ध पूर्व में दर्ज मामले की जॉंच को अपने हाथों में लिया।

आगे की जॉंच जारी है।

जनमानस को याद रहे कि उपरोक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधरित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

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