सरकारी खजाने को हानि पहुँचाने पर दो डाक कर्मियों एवं एक निजी व्‍यक्ति को 10 वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 18.03.2019

सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश, मदुरै (तमिलनाडु) ने वेडासंडूर डाक घर, डिंडीगुल में कार्यरत तत्‍कालीन उप-डाकपाल श्री जी. वर्धराजन एवं तत्‍कालीन डाक सहायक श्री एस. मुर्गेसन को प्रत्‍येक पर 3,50,000 रू. के जुर्माने सहित 10 वर्ष की कठोर कारावास एवं श्री एस. कार्थिका (निजी व्‍यक्ति) को 3,40,000 रू. के जुर्माने के साथ 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने मामला दर्ज किया जिसमें आरोप हे कि डाक विभाग की बचत योजना निधि का गबन करने के लिए वर्ष 2007-2008 के दौरान आरोपी व्‍यक्तियों ने तमिलनाडु के डिंडीगुल, वेडासंडूर तथा अन्‍य स्‍थानों पर आपराधिक षड़यंत्र में शामिल हुए। आपराधिक षड़यंत्र के अनुसरण में, आरोपियों ने ‘संजय पोस्‍ट’ साफ्टवेयर का दुरूपयोग किया, मासिक जमा की गई धनराशि को बढ़ा दिया एवं आरोपी व्‍यक्तियों के द्वारा संचालित डाक बचत खातों के माध्‍यम से 1.27 करोड़ रू. लगभग की बढ़ाई गई जमा धनराशि को कई बार में निकाल लिया।

जॉंच के पूर्ण होने के पश्‍चात, भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420, 467, 468 के साथ पठित धारा 471 तथा भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13 (1)(सी) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम,2000 की धारा 66 के तहत दिनांक 30.06.2010 को आरोप पत्र दायर हुआ।

विचारण अदालत ने आरोपियों को कसूरवार पाया व उन्‍हें दोषी ठहराया।

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