सीबीआई ने 50,000 रू. की रिश्‍वत स्‍वीकार करने पर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के प्रर्वतन अधिकारी को गिरफ्तार किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 18.03.2019

सीबीआई ने शिकायतकर्ता से 50,000 रू. की मॉंग व स्‍वीकार करने पर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन, (ई.पी.एफ.ओ.), नागपुर (महाराष्‍ट्र) में कार्यरत प्रर्वतन अधिकारी को गिरफ्तार किया।

एक शिकायत के आधार पर प्रर्वतन अधिकारी के विरूद्ध भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए), 2018 (संशोधित) के तहत मामला दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी नागपुर स्थित फर्म, विभिन्‍न उद्योगों मुख्‍यत: बिजली उद्योग को मैन पावर (Manpower) उपलब्‍ध कराने में संलग्‍न थी एवं कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ.) को अपने कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से भविष्‍य निधि का अंशदान जमा करती थी। प्रर्वतन अधिकारी, फर्म के कार्यालय पर आए एवं पिछले 5 वर्षों के विभिन्‍न दस्‍तावेज की मॉंग की, जिसे शिकायतकर्ता ने उक्‍त अधिकारी को दिए। शिकायतकर्ता, कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ.) कार्यालय गया और आरोपी से मिला तथा उन्‍होने अपने लम्बित भविष्‍य निधि ऑडिट के बारे में जानकारी मॉंगी। आरोपी ने, बिना किसी बाधा के ऑडिट पूरा करने के लिए पिछले 7 वर्ष के लिए 50,000 रू. प्रति वर्ष की दर से 3,50,000 रू. की रिश्‍वत की मॉंग की।

जब शिकायतकर्ता ने कोई रिश्‍वत नही दी, तो प्रर्वतन अधिकारी ने उन्‍हे सूचित किया कि ‍वह रिश्‍वत राशि के बारे में चर्चा एवं तय करने (Negotiate) के लिए शिकायतकर्ता के कार्यालय आएगा। बाद में, शिकायतकर्ता ने रिश्‍वत राशि घटा कर 3,00,000 रू. कर दी। सीबीआई ने जाल बिछाया एवं प्रवर्तन अधिकारी को शिकायतकर्ता से पहली किश्‍त के तौर पर 50,000 रू. रिश्‍वत की मॉंग व स्‍वीकार करने के दौरान रंगे हाथ पकड़ा। उसके निवास एवं कार्यालय में तलाशी ली गई।

गिरफ्तार आरोपी को सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश, नागपुर के समक्ष आज पेश किया जा रहा है।

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