दो व्‍यक्तियों के फर्जी मुठभेड़ से सम्‍बन्धित मामले में पंजाब पुलिस के तत्‍कालीन एस.एच.ओ. को आजीवन कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 27.02.2019

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश-।, मोहाली (पंजाब) ने आज सदर पुलिस स्‍टेशन, रोपड़ (पंजाब) के तत्‍कालीन एस.एच.ओ. श्री हरजिन्‍दर पाल सिंह को 05 लाख रू. जुर्माने (जिसमें से 02 लाख रू. प्रत्‍येक पीडि़त परिवार को मुआवजे के तौर पर भुगतान किया जाएगा) के साथ आजीवन कारावास एवं तत्‍कालीन सहायक उप-निरीक्षक अवतार सिंह एवं तत्‍कालीन सहायक उप-निरीक्षक बचन दास को प्रत्‍येक पर 20,000 रू. कानूनी सलाह खर्चो के साथ एक वर्ष के लिए परिवीक्षा में रहने की सजा सुनाई।

सीबीआई ने अज्ञात व्‍यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 302, 307, शस्‍त्र अधिनियम की धारा 25/54/59 के तहत दिनांक 04.07.1997 को मामला दर्ज किया एवं गॉंव लोढ़ी माजरा, जिला रोपड़ (पंजाब) के निवासी स्‍वर्गीय कुलदीप सिंह की पत्‍नी के द्वारा वर्ष 1996 में दायर अपराधिक अवाचार संख्‍या 19259-एम में पंजाब एवं हरियाणा उच्‍च न्‍यायालय के आदेश पर रोपड़ पुलिस स्‍टेशन में पूर्व में दर्ज प्राथमिक सूचना रिर्पोट की जॉंच को अपने हाथों में लिया। सदर पुलिस स्‍टेशन, रोपड़ में दर्ज प्राथमिक सूचना रिर्पोट में आरोप था कि श्री हरजिन्‍दर पाल सिंह, एस.एच.ओ, सदर, रोपड़ ने आरोपी कुलदीप सिंह एवं गुरूमेल सिंह को एक अन्‍य मामले में गिरफ्तार किया। उन्‍होने भारतीय साक्ष्‍य अधिनियम की धारा 27 के तहत हथियार/विस्‍फोटक की कथित बरामदगी के लिए दोनो आरोपियों को हिरासत में लिया। दोनो आरोपी व्‍यक्तियों को गॉंव भादल के निकट संगरान नदी पर कथित रूप से अज्ञात व्‍यक्तियों के द्वारा पुलिस पार्टी पर किए गए दोनो तरफ की फाइरिंग में मार दिया गया।

सीबीआई जॉंच के दौरान, यह साबित हुआ कि पंजाब पुलिस के आरोपी पुलिस कर्मियों ने कुलदीप सिंह एवं गुरूमेल सिंह को गलत तरीके से गिरफ्तार दिखाया एवं बाद में, कथित फर्जी मुठभेड़ में उन्‍हे मार दिया गया।

गहन जॉंच के पश्‍चात, सीबीआई ने एस.जे.एम.आई.सी, पटियाला (पंजाब) की अदालत में तत्‍कालीन डी.एस.पी.(डी) ; सदर पुलिस स्‍टेशन, रोपड़ के तत्‍कालीन उप-निरीक्षक / पुलिस स्‍टेशन प्रभारी ; दो सहायक उप-निरीक्षको ; एक प्रधान सिपाही व एक सिपाही के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया।

विचारण अदालत ने तीन आरोपी व्‍यक्तियों को कसूरवार पाया एवं उन्‍हे दोषी ठहराया। तत्‍कालीन डी.एस.पी.(डी), तत्‍कालीन प्रधान सिपाही एवं तत्‍कालीन सिपाही को अदालत ने बरी किया।

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