सीबीआई ने तत्‍कालीन मुख्‍य मंत्री जो कि टाउन, कंट्री प्‍लानिंग डिपार्टमेन्‍ट, हरियाणा के प्रभारी मंत्री थे एवं 15 निजी कम्‍पनियों सहित अन्‍यों के विरूद्ध मामला दर्ज किया एवं तलाशी ली

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 25.01.2019

        सीबीआई ने भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420 एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13 (1)(डी) के तहत तत्‍कालीन मुख्‍य मंत्री जो कि टाउन, कंट्री प्‍लानिंग डिपार्टमेन्‍ट, हरियाणा के प्रभारी मंत्री थे ; तत्‍कालीन मुख्‍य प्रशासक, हुडा/निदेशक, अर्बन इस्‍टेट, टाउन एण्‍ड कंट्री प्‍लानिंग डिपार्टमेन्‍ट, हरियाणा ; 15 निजी कॉलोनाइजर कम्‍पनियों और अन्‍य अज्ञात निजी व्‍यक्तियों एवं अज्ञात लोक सेवकों के विरूद्ध मामला दर्ज किया। पूर्व में गुरूग्राम के 09 सेक्‍टरों (09 Secters) में वर्ष 2009 से 2012 के दौरान, हरियाणा सरकार द्वारा अधिग्रहित भूमि के कुछ भू-स्‍वामियों के द्वारा दायर सिविल याचिका में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के दिनांक 01.11.2017 के आदेश के अनुपालन में, सीबीआई ने आरोपों के सत्‍यापन एवं संदिग्‍ध व्‍यक्तियों की पहचान करने के लिए प्राथमिक जॉंच की।

       ऐसा आरोप था कि वर्ष 2007 से 2012 के दौरान, कॉलोनाइजर कम्‍पनियों एवं अन्‍य अज्ञातों ने कपटपूर्ण तरीके से भूमि अधिग्रहण अधिनियम,1894 की धारा 4 एवं तत्‍पश्‍चात धारा 6 के तहत जारी अधिसूचना के द्वारा बडे पैमाने पर भू-स्‍वामियों एवं जनमानस तथा हरियाणा अर्बन डेवेलप्‍मेन्‍ट अथॉरिटी (हुडा) के साथ धोखाधड़ी,सम्‍बन्धित भू-स्‍वामियों की भूमि को कम मूल्‍य पर खरीदने एवं अधिसूचित भूमि पर कपटपूर्ण तरीके से एल.ओ.आई.एस./ लाइसेन्‍स प्राप्‍त करने के उद्देश्‍य से हरियाणा के तत्‍कालीन मुख्‍य मंत्री जाकि टाउन एण्‍ड कंट्री प्‍लॉनिंग के निदेशालय के प्रभारी मंत्री थे ; तत्‍कालीन मुख्‍य प्रशासक, हुडा/ तत्‍कालीन निदेशक, अर्बन इस्‍टेट, टाउन एण्‍ड कंट्री प्‍लॉनिंग तथा अन्‍यों के साथ अपराधिक षड़यंत्र में शामिल हुए। ऐसा आगे आरोप था कि उक्‍त अपराधिक षड़यंत्र के क्रम में भू-स्‍वामियों को कम मूल्‍य पर अपनी भूमि को बेचने पर मजबूर करने के उद्देश्‍य से उक्‍त कॉलोनाइजर कम्‍पनियॉं, जिसने गॉव नंगली उमरपुर, घाटा, टिगरा उलाहवास, कादरपुर, मैदावास, बादशाहपुर और बहरामपुर, (सेक्‍टर 58 से 63 तथा 65 से 67, गुरूग्राम), जो कि लाइसेन्‍सी भूमि/ऐसी भूमि जिसके लिए लाइसेन्‍स का आवेदन किया गया था, के मध्‍य भू-खण्‍डों में फैली हुई थी एवं इस प्रकार, हुडा (वर्तमान में एच.एस.वी.पी.) के लिए उपयोगी नही थी, में स्थित कुल 1417.07 एकड़ हेतु भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 4 के तहत अधिसूचना जारी करवाने की व्‍यवस्‍था की। ऐसा भी आरोप था कि उक्‍त लोक सेवको के साथ मिली भगत में कॉलोनाइजर कम्‍पनियों ने लगभग 616.397575 एकड़ भूमि (1417.07 एकड़ अधिसूचित भूमि में से) का एल.ओ.आई.एस/ लाइसेन्‍स प्राप्‍त कर लिया एवं भूमि का उक्‍त हिस्‍सा सहयोगियों/आरोपी कॉलोनाइजर के पक्ष में जारी कर दिया। भू-स्‍वामियों, जनमानस एवं हुडा को बड़े पैमाने पर कथित हानि हुई एवं इसी अनुरूप में आरोपियों को लाभ हुआ।

      आरोपी के रोहतक, नई दिल्‍ली, गुरूग्राम आदि सहित 27 आवासीय/  कार्यालयी परिसरों में आज तलाशी की गई जिसमें आपत्तिजनक दस्‍तावेज/ प्रमाण बरामद हए।

       आगे की जॉंच जारी है।

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