सीबीआई ने आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी तथा अन्‍य के विरूद्ध मामला दर्ज किया व तलाशी ली

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 24.01.2019

सीबीआई ने भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420 के साथ पठित भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13 (1)(डी) के तहत आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ; मुम्‍बई स्थित अलग-अलग कम्‍पनियों के दो प्रबन्‍ध निदेशक ; मुम्‍बई स्थित चार निजी कम्‍पनी एवं अन्‍य अज्ञात निजी व्‍यक्तियों तथा अज्ञात लोक सेवकों के विरूद्ध मामला दर्ज किया ।

ऐसा आरोप था कि दिनांक 26.08.2009 को मंजूरी समिति के द्वारा नियमों एवं नीति के उल्‍लंघन में मुम्‍बई की निजी कम्‍पनी को 300 करोड़ रू. का ऋण मंजूर किया गया। ऐसा आगे आरोप था कि आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ने मंजूरी समिति के प्रमुख होते हुए, आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के लिए अन्‍य आरोपियों के साथ अपराधिक षड़यंत्र में बेईमानी एवं अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरूपयोग कर मुम्‍बई स्थित उक्‍त निजी कम्‍पनी के पक्ष में उक्‍त ऋण मंजूर कर दिया। उक्‍त ऋण, 07.09.2009 को आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के द्वारा भुगतान कर दिया गया। अगले ही दिन अर्थात 08.09.2009 को उक्‍त कम्‍पनी समूह के प्रबन्‍ध निदेशक ने 64 करोड़ रू. अपनी अन्‍य कम्‍पनी को स्‍थानान्‍तरित कर दिए, जिसे उसी दिन एक अन्‍य कम्‍पनी को आगे स्‍थानान्‍तरित कर दिया गया, जो कि मुम्‍बई स्थित इस निजी कम्‍पनी (आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी के रिश्‍तेदार) के प्रबन्‍ध निदेशक के द्वारा प्रबन्धित (Managed) किया जा रहा था। अपनी कम्‍पनी को धनराशि स्‍थानान्‍तरित करने के पश्‍चात, मुम्‍बई स्थित निजी कम्‍पनी समूह के प्रबन्‍ध निदेशक ने भी इस कम्‍पनी का नियंत्रण एक न्‍यास (trust) को स्‍थानान्‍तरित कर दिया जिसे मुम्‍बई स्थित एक अन्‍य निजी कम्‍पनी के प्रबन्‍ध निदेशक (आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी के रिश्‍तेदार) एक प्रबन्‍ध न्‍यासी (Managing Trustee) के रूप में प्रबन्धित (Managed) कर रहे थे।

जून 2009 से अक्‍टूबर 2011 के दौरान, बैंक की क्रेडिट पॉलसी के उल्‍लंघन में आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के विभिन्‍न मंजूरी समितियों के द्वारा उक्‍त कम्‍पनी समूह को 1575 करोड़ रू. की धनराशि के अन्‍य 05 ऋण भी मंजूर किए गए। इन निजी कम्‍पनी समूहोंके खातों में मौजूदा बकाया को 26.04.2012 को सहायता संघ की व्‍यवस्‍था के तहत घरेलू ऋण के पुनर्वित्‍तीयन (REFINANCE) के माध्‍यम से आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के द्वारा 1730 करोड़ रू. को रूपि टर्म लोन (Rupee Term Loan) में समोयोजित किया। मुम्‍बई स्थित निजी कम्‍पनी एवं इसकी कम्‍पनी समूह के खाते को 30.06.2017 को एन.पी.ए. घोषित किया गया।

मुम्‍बई एवं औरंगाबाद के चार स्‍थानों पर आज तलाशी की जा रही है।

आगे की जॉंच जारी है।

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