बैंक को हानि पहुँचाने पर सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया के तत्‍कालीन वरिष्‍ठ प्रबन्‍धक एवं 02 अन्‍य को 03 वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 21.01.2019

सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश, भोपाल ने सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, भोपाल की अरेरा हिल्‍स शाखा के तत्‍कालीन वरिष्‍ठ प्रबन्‍धक श्री के.के. चौरसिया एवं तत्‍कालीन सहायक प्रबन्‍धक (क्रेडिट) श्री वसन्‍त पवासे को प्रत्‍येक पर 8,000 रू. के जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास एवं मैसर्स पीताम्‍बरा कॉस्‍ट्रक्‍शन्‍स एण्‍ड डेवलपर्स, मॉ पीताम्‍बरा कॉंस्‍ट्रक्‍शन्‍स एवं पीताम्‍बरा इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल के साझीदार/ प्रबन्‍ध निदेशक श्री उदय सिंह ठाकुर को 6,000 रू. के जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया,भोपाल के क्षेत्रीय प्रबन्‍धक से प्राप्‍त शिकायत पर सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, अरेरा हिल्‍स शाखा, भोपाल के वरिष्‍ठ प्रबन्‍धक श्री के.के. चौरसिया ; सहायक प्रबन्‍धक (क्रेडिट) श्री वसन्‍त पवासे ; मैसर्स पीताम्‍बरा कॉस्‍ट्रक्‍शन्‍स एण्‍ड डेवलपर्स, मॉ पीताम्‍बरा कॉंस्‍ट्रक्‍शन्‍स, पीताम्‍बरा इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल के साझीदार/ प्रबन्‍ध निदेशक एवं अन्‍य अज्ञात व्‍यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी, 419, 420, 468 एवं 471 तथा भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13 (1)(डी) के तहत दिनांक 14.01.2011 को मामला दर्ज किया। ऐसा आरोप था कि वर्ष 2007 से 2009 के दौरान, सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, अरेरा हिल्‍स शाखा, भोपाल में कार्य करने के दौरान श्री के.के. चौरसिया एवं श्री वसन्‍त पवासे ने आपस में और मैसर्स पीताम्‍बरा कॉस्‍ट्रक्‍शन्‍स एण्‍ड डेवलपर्स, मॉ पीताम्‍बरा, पीताम्‍बरा इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर, भोपाल के साझीदार/ प्रबन्‍ध निदेशक तथा अन्‍य अज्ञात के साथ अपराधिक षड़यंत्र किया। उक्‍त अपराधिक षड़यंत्र के अनुसरण में, आरोपित बैंक कर्मियों ने उधारकर्ताओं की सत्‍यता के सत्‍यापन एवं प्रस्‍तावित मकान के निर्माण कार्य का सत्‍यापन किए बिना ही 13 व्‍यक्तियों (उधारकर्ताओं) के नाम पर 122.48 लाख रू. की धनराशि के गृह ऋण पर कार्यवाही की, पास किया व भुगतान कर दिया तथा धनराशि को बेईमानी से निकालने की अनुमति दी, जिसका प्रयोग केवल प्रस्‍तावित मकान के निर्माण में होना था, इस प्रकार, बैंक को हानि पहुँचाई।

गहन जॉंच के पश्‍चात, सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश, भोपाल में श्री के.के. चौरसिया, श्री वसन्‍त पावसे एवं श्री उदय सिंह ठाकुर के विरूद्ध धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420 एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13 (1)(डी) के तहत दिनांक 04.09.2012 को आरोप पत्र दायर हुआ।

विचारण अदालत ने आरोपितों को कसूरवार पाया व उन्‍हें दोषी ठहराया।

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