सीबीआई ने पोंजी स्‍कीम घोटाला मामले की जारी जॉंच में एक अधिवक्‍ता एवं अन्‍य के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 11.01.2019

सीबीआई ने सारधा कम्‍पनी समूह से सम्‍बन्धित पोंजी स्‍कीम घोटाला मामले में एक अधिवक्‍ता ; सारधा कम्‍पनी समूह के मालिक तथा एक निजी कम्‍पनी के विरूद्ध कोलकाता की नामित अदालत बरासत में आज आरोप पत्र दायर किया।

सीबीआई ने मामला दर्ज किया एवं माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के 09.05.2014 के आदेश पर सारधा एवं अन्‍य चिट फण्‍ड मामलें की जॉंच को अपने हाथों में लिया। अधिवक्‍ता के विरूद्ध आरोप पत्र, वर्ष 2010-12 के दौरान सारधा कम्‍पनी समूह से 1.4 करोड़ रू. लेने तथा सारधा कम्‍पनी समूह की धनराशि की ठगी एवं गबन के अपराध को करने के लिए अन्‍य आरोपी व्‍यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षड़यंत्र करने के लिए दायर हुआ। ये धनराशि, उक्‍त कम्‍पनी समूह के द्वारा, वस्‍तुओं की बिक्री एवं सेवाओं की आड़ में नियामक संस्‍थानों के मानदण्‍डों के उल्‍लंघन में उच्‍च मुनाफे की वापसी के वादे पर विभिन्‍न निवेश स्‍कीम प्रारंभ करके पश्चिम बंगाल, ओडि़शा तथा उत्‍तर-पूर्व के राज्‍यों के लाखों निवेशकों को धोखा देकर अवैध रूप से एकत्र किया। कम्‍पनी समूह ने अवैध रूप से 2,500 करोड़ रू. (लगभग) की धनराशि इकठ्टा किया और आरोपी व्‍यक्ति, 1,900 करोड़ रू.की धनराशि निवेशकों को वापस करने में असफल रहे। वर्ष 2013 में मालिक एवं अन्‍य सह-आरोपी व्‍यक्तियों ने अपने कार्यालय बन्‍द कर दिए और गिरफ्तार होने तक वे फरार थे। ऐसा आगे आरोप था कि जिस समय, उक्‍त कम्‍पनी समूह के मुख्‍य प्रोत्‍साहक/निदेशक, इस तरह की निवेश स्‍कीम अवैध रूप से चला रहे थे, सेबी, आर.ओ.सी., आर्धिक अपराध जॉंच सेल (पश्चिम बंगाल) आदि सहित कई नियामक एवं प्रर्वतन एजेन्सियों ने वर्ष 2010 के दौरान उक्‍त कम्‍पनी समूह के अवैध व्‍यापार के विरूद्ध कुछ जॉंच पड़ताल शुरू की। ऐसा भी आरोप था कि एक अन्‍य आरोपी (एक निजी व्‍यक्ति) के माध्‍यम से उक्‍त अधिवक्‍ता से सम्‍पर्क में आने पर, उक्‍त जॉंच पड़ताल को संभालने के लिए अधिवक्‍ता के द्वारा सक्रिय रूप से मालिक को सहायता पहुँचाई गई ताकि इन कम्‍पनियों के द्वारा वर्ष 2010 से 2013 तक जन मानस से धनराशि का अवैध संकलन जारी रहे। उक्‍त कार्य के बदले में, अधिवक्‍ता ने वर्ष 2010-2012 के दौरान कम्‍पनी के मालिक से उसकी कम्‍पनी समूह के द्वारा 1.4 करोड़ रू. के लगभग प्राप्‍त किया। आरोपी ने भी कथित रूप से उक्‍त निजी व्‍यक्ति के साथ संदिग्‍ध समझौते करने के लिए मालिक को उकसाया तथा इसके परिणाम स्‍वरूप, निजी व्‍यक्ति ने भी सारधा कम्‍पनी समूह में जनमानस द्वारा वास्‍तविक रूप से निवेशित करोड़ों रूपयों का गबन कर सका।

बड़े पैमाने पर किए गए षड़यंत्र के पहलूओं की आगे जॉंच जारी है।

जनमानस को याद रहे कि उपरोक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधरित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

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