डामर (बिटूमेन) घोटाले से सम्‍बन्धित मामले में बिहार सरकार के तत्‍कालीन मंत्री एवं दो अन्‍य को चार वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 27.09.2018

  विशेष न्‍यायाधीश, रॉची ने डामर (बिटूमेन) से सम्‍बन्धित घोटाले में बिहार सरकार के सड़क निर्माण विभाग के तत्‍कालीन मंत्री मोहम्‍मद इलियास हुसैन और सड़क निर्माण विभाग के तत्‍कालीन मंत्री के तत्‍कालीन निजी सचिव शाहबुद्दीन बेग को आज प्रत्‍येक पर चार लाख रू. जुर्माने सहित चार वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। मैसर्स जनार्दन प्रसाद अग्रवाल, मुख्‍य सड़क, कुजु, हजारीबाग के मालिक श्री जे.पी. अग्रवाल (डामर परिवाहक) को भी 06 लाख रू. के जुर्माने सहित चार वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 407/420/120-बी एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम,1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1) (डी) के तहत मैसर्स जनार्दन प्रसाद अग्रवाल, डामर परिवाहक, खजॉंची तलाव, के.बी. मार्ग, बोद्धय बाजार, हजा़रीबाग तथा सड़क निर्माण विभाग एवं अन्‍य विभागों के अन्‍य अज्ञात कर्मियों के विरूद्ध दिनांक 20.03.1997 को मामला दर्ज किया। ऐसा आरोप था कि मैसर्स जनार्दन प्रसाद अग्रवाल, डामर परिवाहक, खजॉंची तलाव, के.बी. मार्ग, बोद्धय बाजार, हजा़रीबाग ने सड़क निर्माण विभाग, बिहार सरकार के मोहम्‍मद इलियास हुसैन, शाहबुद्दीन बेग एवं अन्‍य के साथ मिलीभगत में 18.75 लाख रू. (लगभग) मूल्‍य का 375 मिट्रिक टन डामर गबन किया। आरोपित जे.पी. अग्रवाल ने आई.ओ.सी.एल/ बी.पी.सी.एल, इण्डिया से आर.सी.डी., गुमला तक दुलाई के लिए 1500 मिट्रिक टन डामर उठाया लेकिन उक्‍त आरोपित व्‍यक्तियों के साथ मिलीभगत में 375 मिट्रिक टन डामर का गबन किया।

जॉंच के बाद आरोपियों के विरूद्ध दिनाक 26.07.2003 को नामित अदालत में आरोप पत्र दायर हुआ।

विचारण अदालत ने आरोपियों को कसूरबार पाया उन्‍हे दोषी ठहराया।

********