भटिण्‍डा के तत्‍कालीन अतिरिक्‍त सिविल न्‍यायाधीश को 1,00,000 रू. के जुर्माने सहित 04 वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 26.12.2017

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, चण्‍डीगढ़ ने गैर-अनुपातिक सम्‍पत्ति के मामले में तत्‍कालीन अतिरिक्‍त सिविल न्‍यायाधीश, वरिष्‍ठ प्रभाग, भटिण्‍डा (पंजाब) श्री एम.एस. वालिया को दोषी ठहराया एवं एक लाख रू. जुर्माने सहित 04 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी की 52,40,049.50 रू. की धनराशि (मकान संख्‍या-311, सेक्‍टर 9-डी, चण्‍डीगढ़ का भाग), नवनीत पेपर मिल एवं चल सम्‍पत्तियों को जब्‍त करने का भी आदेश दिया और आरोपी की सम्‍पत्तियों में से 29,69,701 रू. धनराशि की सम्‍पत्ति बेच कर भुगतान करने को कहा।

सीबीआई ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्‍च न्‍यायालय के वर्ष 1998 के आपराधिक विविध याचिका संख्‍या 4716-एम में दिनांक 27.02.1998 के आदेश जिसमें गैर-अनुपातिक सम्‍पत्तियों को रखने के आरोप पर तत्‍कालीन सिविल न्‍यायाधीश श्री एम.एस. वालिया के विरूद्ध पुलिस स्‍टेशन नार्थ, चण्‍डीगढ़ में पूर्व में दर्ज प्राथमिक सूचना संख्‍या-10, दिनांक 03.02.1998 की जॉंच को अपने हाथों में लेने का निर्देश था, के अनुसरण में तत्‍कालीन अतिरिक्‍त सिविल न्‍यायाधीश, वरिष्‍ठ प्रभाग, भटिण्‍डा श्री एम.एस. वालिया के विरूद्ध भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ई) के साथ पठित धारा 13(2) के तहत दिनांक 24.03.1998 को मामला दर्ज किया।

जॉंच के पश्‍चात, के.अ.ब्‍यूरो ने विशेष न्‍यायाधीश, सीबीआई चण्‍डीगढ़ की अदालत में आरोप पत्र दायर किया। मामले के विचारण के दौरान, आरोपी, वर्ष 2012 की विशेष अनुमति याचिका (आपराधिक) संख्‍या 3919 के द्वारा माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय पहुँचा, हालॉंकि उक्‍त याचिका को माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के द्वारा दिनांक 30.03.2016 को खारिज़ कर दिया गया।

विचारण अदालत ने आरोपी को कसूरवार पाया एवं उन्‍हें दोषी ठहराया।

 

 

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