बैंक को 2.55 करोड़ रू. की हानि पहुँचाने पर तत्‍कालीन वरिष्‍ठ बैंक प्रबन्‍धक एवं छ: अन्‍यों को कुल 45.30 लाख रू. के जुर्माने सहित तीन वर्ष की कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 26.12.2017

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, चेन्‍नई ने बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में इण्डियन ओवरसीज बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, चेन्‍नई के तत्‍कालीन वरिष्‍ठ प्रबन्‍धक सुश्री शकुन्‍तला अशोक को 4.60 लाख रू. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कारावास एवं छ: अन्‍य प्राइवेट व्‍यक्तियों जिसमें सी.एम.सी. दुरई जिन्‍हें 1.60 लाख रू. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कारावास ; टी.एस. अनन्‍थाराज व स्‍टेफन फ्रैन्‍कलिन सैमुअलराज टोनी को प्रत्‍येक पर 7.70 लाख रू. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कारावास (एक महीने के भीतर दोनो आरोपियों के द्वारा 150,00,000 रू. के मुआवजा का भुगतान) ; आर बालकृष्‍णन् एवं आर.अधीत्‍यन को प्रत्‍येक पर 7.20 लाख रू. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कारावास और एम. यूवाराजन को 9.30 लाख रू. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने इण्डियन ओवरसीज बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, चेन्‍नई-।।, चेन्‍नई की शिकायत के  आधार पर सी.एम.सी. दुरई एवं अन्‍यों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420,419, 465, 467, 468, 471 और भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) तथा उनके प्रमुख अपराधों के तहत दिनांक 18.01.2012 को मामला दर्ज किया। ऐसा आरोप था कि आरोपी व्‍यक्तियों ने स्‍वम् को चेन्‍नई स्थित कम्‍पनी के निदेशकों के तौर पर पेश कर मैसर्स गोकुलम् चिट्स एण्‍ड फाइनेन्‍स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर जाली चालू खाता खोला एवं क्रमश: एक करोड़ रू., दो करोड़ रू. तथा तीन करोड़ रू. के लिए मैसर्स श्री गोकुलम् चिट्स एण्‍ड फाइनेन्‍स लिमिटेड के पक्ष में मैसर्स कैथोलिक सीरियन बैंक, चेन्‍नई के तीन चेक पेश किए। उक्‍त कमाई को श्री गोकुलम् चिट्स एण्‍ड फाइनेन्‍स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर तीन सावधि जमाओं में जमा किया गया। उन्‍होने एक करोड़ व दो करोड़ की सावधि जमाओं के विरूद्ध क्रमश: 90 लाख रू. एवं 1.80 लाख रू. का ऋण भी प्राप्‍त किया जिसे उक्‍त जाली चालू खाते में जमा कर लिया गया। उक्‍त धनराशि को मैसर्स फ्रोजिन इन्‍वेस्‍टमेन्‍ट जिसका खाता एच.डी.एफ.सी. बैंक, ब्राडवे, चेन्‍नई में था और अनन्‍थाराज स्‍टेफन के द्वारा संचालित किया जाता था, के माध्‍यम से निकाल लिया गया। आरोपियों ने इण्डियन ओवरसीज बैंक के साथ धोखाधड़ी की और बैंक को 2,55,57,000 रू. की हानि पहुँचाई।

जॉंच के पश्‍चात, 10 आरोपी व्‍यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420, 201, 409, 419, 465, 467, 468, 471 और भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) तथा उनके प्रमुख अपराधों के तहत दिनांक 22.03.2013 को मामला दर्ज किया।

विचारण अदालत ने 07 आरोपियों को दोषी करार दिया एवं तीन व्‍यक्तियों को बरी किया।

 

 

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