सीबीआई ने झारखण्‍ड में सहकारी सोसाइटी अधिनियम के कथित उल्‍लंघन से सम्‍बन्धित मामले में तलाशी ली

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 22.12.2017

सीबीआई ने चिट फण्‍ड कम्‍पनियों से जुड़े जालसाजी के मामले में जिला पलामू, झारखण्‍ड के मेदिनीनगर एवं सुदना की 12 प्राइवेट कम्‍पनियों के परिसरों में तलाशी ली।

वर्तमान मामला, वर्ष 2014 की जनहित याचिका संख्‍या 1635 में माननीय झारखण्‍ड उच्‍च न्‍यायालय के द्वारा जारी आदेश पर दर्ज हुआ एवं इसी आदेश के तहत माननीय उच्‍च न्‍यायालय ने चिट फण्‍ड कम्‍पनियों कें विरूद्ध वर्ष 2013 के दिनांक 30.12.2013/ 02.01.2014 को पलामू नगर/ सदर पुलिस स्‍टेशन में दर्ज मामला संख्‍या 584 एवं झारखण्‍ड के अन्‍य पुलिस स्‍टेशनों में दर्ज इसी तरह की प्राथमिक सूचना रिपोर्टों की जॉंच/ आगे की जॉंच को सीबीआई को अपने हाथों में लेने का निर्देश दिया। यह मामला, तत्‍कालीन एस.डी.ओ., सदर, मेदिनीनगर, जिला पलामू, झारखण्‍ड की शिकायत पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 415, 420, 120-बी, इनामी चिट एवं धन परिचालन स्‍कीम (पाबन्‍दी) अधिनियम, 1978 की धारा 3 व 6 और बिहार/ झारखण्‍ड सेल्‍फ क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी अधिनियम, 1995, 2008 तथा 2010 के तहत मामला दर्ज किया गया।

ऐसा आरोप है कि आरोपी कम्‍पनियॉं अपने प्रबन्‍धकों एवं मालिकों के साथ मिलकर को-आपरेटिव सोसाइटी/ अधिनियम के पूर्ण उल्‍लंघन ; अपने निर्दिष्‍ट अधिकार क्षेत्र से हटकर ; जनमानस से जमा स्‍वीकार करना ; जनमानस के धन का लेन-देन और जनमानस के साथ कमीशन आधारित अपने एजेन्‍टों के माध्‍यम से धन का लेन-देन का व्‍यापार किया करती थी और जबकि उक्‍त गैर बैकिंग एवं वित्‍तीय संस्‍था/ कम्‍पनियॉं/ सहकारी समितियॉं न तो राज्‍य सरकार से सम्‍बन्धित थी, न ही राज्‍य सरकार द्वारा संचालित थी, केन्‍द्र सरकार के द्वारा न तो बैंकिग कम्‍पनी या बैकिंग संस्‍था के तौर पर अधिसूचित थी, और न ही राज्‍य सरकार द्वारा धर्मार्थ व शैक्षिक संस्‍था के तौर पर लाइसेन्‍स युक्‍त थी तथा आर.बी.आई. द्वारा जारी किया गया कोई लाइसेन्‍स भी नही पेश कर पायी।

आगे की जॉंच जारी है।

 

 

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