सीबीआई ने घूसखोरी के मामले में सीमा शुल्‍क विभाग के तत्‍कालीन उपायुक्‍त एवं एक प्राइवेट व्‍यक्ति के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 01.12.2017

के.अ.व्‍यूरो ने घूसखोरी के मामले में सीमा शुल्‍क विभाग, मुन्‍द्रा के तत्‍कालीन उपायुक्‍त एवं एक प्राइवेट व्‍यक्ति के विरूद्ध सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश, अहमदाबाद के समक्ष आरोप पत्र दायर किया।

सीबीआई ने शिकायतकर्ता, जो कि कस्‍टम हाऊस ऐजेन्‍ट (सी.एच.ए.) के तौर पर कार्य कर रहा था, से 30 लाख रू. की रिश्‍वत की मॉंग करने पर सीमा शुल्‍क विभाग, मुन्‍द्रा के उपायुक्‍त एवं एक प्राइवेट व्‍यक्ति के विरूद्ध दिनांक 18.09.2017 को मामला दर्ज किया। ऐसा आरोप था कि शिकायतकर्ता की कम्‍पनी अहमदाबाद की फर्म से जुड़ी थी एवं इस फर्म द्वारा आयातित मालों में से एक माल में जुलाई, 2017 को 27 किग्रा का सोना पाया गया। मामले की जॉंच के दौरान, सीमा शुल्‍क के उपायुक्‍त ने कथित रूप से उनकी पत्‍नी सहित शिकायतकर्ता के सम्‍बन्धियों का नाम मामले से हटाने के लिए 40 लाख रू. की मॉंग की। ऐसा आगे आरोप था कि रिश्‍वत के भुगतान के लिए विभिन्‍न अवसरों पर उपायुक्‍त ने शिकायतकर्ता से सम्‍पर्क किया और उक्‍त रिश्‍वत को एक प्राइवेट व्‍यक्त्‍िा को देने हेतु शिकायतकर्ता को कहा। सीबीआई ने जाल बिछाया एवं सीमा शुल्‍क विभाग, मुन्‍द्रा के उपायुक्‍त की ओर से 20 लाख रू. की रिश्‍वत को स्‍वीकार करने के दौरान  दिनांक 19.09.2017 को प्राइवेट व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया। सीमा शुल्‍क विभाग के उपायुक्‍त फरार हो गए।

निरन्‍तर प्रयास के बाद, सीमा शुल्‍क विभाग, मुन्‍द्रा के फरार उपायुक्‍त को दिनांक 27.09.2017 को गिरफ्तार किया। उनकी पुलिस हिरासत के पश्‍चात, नामित अदालत ने उन्‍हें न्‍यायिक हिरासत में भेजा। वह अभी भी न्‍यायिक हिरासत में है।

जॉंच के पश्‍चात, आरोप पत्र दायर किया।

जनमानस को याद रहे कि उपर्युक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधरित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

 

 

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