भ्रष्टाचार से लड़ने में हमारे साथ जुड़ें

भ्रष्टाचार की सूचना प्रदान करने हेतु अपने निकटतम शाखा का चुनाव करें
नीतिगत रूप से
सीबीआई बेनामी/छद्म नाम वाली शिकायतों पर विचार नहीं करती है।

सीबीआई परम्परागत अपराध जैसे हत्या, चोरी, डकैती इत्यादि का अन्वेषण अपने हाथों नहीं लेती है जब तक कि उच्चतम न्यायालय/उच्च न्यायालयों द्वारा निर्देश न दिया जाए या राज्य सरकारों के द्वारा सौंपा न जाए।

यह इसलिए कि भारतीय संविधान के अंतर्गत “पुलिस” एक राज्य का विषय है एवं अपराधों के अन्वेषण का मौलिक क्षेत्राधिकार राज्य पुलिस की होती है। मामलों के अन्वेषण हेतु सीबीआई की शक्तियां दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम से प्राप्त होती है। संघ शासित प्रदेशों में इस अधिनियम के तहत अधिसूचित अपराधों का अन्वेषण तथा राज्यों में राज्य सरकारों की सहमति से ही सीबीआई अन्वेषण कर सकती है। चूंकि सीबीआई एक छोटी कार्यबल है इसलिए प्रशासनिक रूप से भी सीबीआई के लिए यह लाभकर नहीं है कि वह परम्परागत अपराधों का अन्वेषण करें जबतक कि उसे उच्चतम न्यायालय/उच्च न्यायालयों द्वारा निर्देश न दिया जाए या फिर राज्य सरकारों के द्वारा न सौंपा जाए।

वापस जाएँ