केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के प्रभाग

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा

भ्रष्टाचार निरोधक प्रभाग भ्रष्टाचार से संबंधित आसूचना एकत्र करने, विभिन्न विभागों के साथ उनके सतर्कता अधिकारियों के माध्यम से सम्पर्क स्थापित करने, भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी की शिकायतों की जांच करने, भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी से संबंधित अपराधों का अन्वेषण एवं अभियोजन तथा भ्रष्टाचार निरोधक पक्षों पर कार्य करने हेतु जिम्मेवार है। भ्रष्टाचार निरोधक प्रभाग केन्द्रीय सरकार के नियंत्रण में आने वाले लोक सेवकों, केन्द्रीय सरकार के नियंत्रण में आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लोक सेवकों तथा राज्य सरकारों द्वारा सीबीआई को सौंपे गए राज्य सरकार के अधीन कार्यरत लोक सेवकों के विरूद्ध मामलों और उपरोक्त उल्लिखित लोक सेवकों द्वारा किए गए गम्भीर अनियमितताओं का अन्वेषण करती है।


विशेष अपराध प्रभाग

सभी प्रकार के आर्थिक अपराधों एवं आंतरिक सुरक्षा, गुप्तचरी, अंतर्ध्वस, मादक पदार्थ एवं साइकोट्रोपिक पदार्थ, पुरावस्तु, हत्या, डकैती/चोरी, छल, आपराधिक न्यासभंग, कूटरचना, दहेज हत्या, संदेहास्पद मौत जैसे परम्परागत अपराधों एवं अन्य आईपीसी अपराधों के साथ-साथ डीएसपीई एक्ट के अंतर्गत अधिसूचित अन्य कानूनों के तहत किए गए अपराधों से संबंधित मामलों को विशेष अपराध प्रभाग संभालता है। यह अंतर्राज्यीय एवं अंतर्राष्ट्रीय रैकेटों, सरकारी राजस्व या सम्पत्ति को प्रभावित करने वाली वृहद पैमाने पर किए कपट तथा राष्ट्रीय महत्व के अपराधों के अन्वेषण हेतु जिम्मेदार है।


आर्थिक अपराध प्रभाग

आर्थिक अपराध प्रभाग बैंक कपट, काले धन को वैध बनाने, गैर-कानूनी मौद्रिक बाजार क्रियाकलापों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों में रिश्वतखोरी जैसे वित्तीय अपराधों का अन्वेषण करती है।


तकनीकी सलाहकार एकक

तकनीकी सलाहकार एकक बैंकिंग, कराधान, अभियांत्रिकी एवं विदेश व्यापार/विदेश मुद्रा मामलों में सीबीआई के द्वारा लिए गए जांच एवं अन्वेषण में विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है। तकनीकी सलाहकार एकक हैं:-

  1. बैंकिंग कम्पनी विधि/कराधान एकक
  2. अभियांत्रिकी सलाहकार एकक (सिविल/विद्युत विषय)
  3. कराधान सलाहकार एकक (प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष कर विषय)
  4. विदेशी व्यापार/विदेशी मुद्रा सलाहकार एकक

अभियोजन निदेशालय

विनीत नारायण मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार अभियोजन निदेशालय का गठन किया गया। सीबीआई मामलों में अभियोजन संचालित करने के अलावा सीबीआई मामलों में विधिक सलाह प्रदान करती है। पुलिस महानिरीक्षकों/पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलनों में उठाए गए विधिक विषयों में, संबंधित मामलों में कानून की व्याख्या, विशेष काउंसेल की नियुक्ति, सांविधिक नियम एवं विनियमन तथा उनके संशोधनों, सीबीआई गजट में प्रकाशित होने वाले विधि मामले से संबंधित नोट की तैयारी में भी निदेशालय कार्य करती है।


नीति प्रभाग

सीबीआई की नीति, क्रियाविधि, संगठन, सतर्कता एवं सुरक्षा संबंधी सभी मामलों की देखभाल, मंत्रालयों से सम्पर्क एवं पत्राचार तथा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोध से संबंधित विशेष कार्यक्रमों का क्रियान्वयन इत्यादि नीति प्रभाग करती है।


प्रशासन प्रभाग

सीबीआई के सभी प्रभागों के कार्मिकों, संगठन एवं लेखा से संबंधित सभी मामलों की देखभाल सीबीआई के प्रशासन प्रभाग के द्वारा किया जाता है जिसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक/पुलिस महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी करते हैं।


सिस्टम प्रभाग

सिस्टम प्रभाग सीबीआई के सूचना प्रौद्योगिकी की जरूरतों की देखभाल करता है। यह संसदीय प्रश्नों के उत्तर, नियुक्तियों/पुरस्कारों हेतु सीबीआई क्लियरेंस इत्यादि से संबंधित आंकड़ों का रखरखाव करता है। मौजूदा समय में चल रही सीबीआई की वृहद कम्प्यूटरीकरण योजना का कार्य भी इस प्रभाग की निगरानी में चल रहा है। सीबीआई कमान केन्द्र जिसमें रणनीति संचार केन्द्र और नेटवर्क निगरानी केन्द्र आते हैं, सिस्टम प्रभाग के अधीन कार्य करती हैं।


समन्वय प्रभाग

समन्वय प्रभाग में निम्नलिखित एकक सम्मिलित हैं:-

  1. समन्वय एकक
  2. इंटरपोल एकक

समन्वय एकक पुलिस महानिदेशकों, सीआईडी के संगठनों और अन्य सम्मेलनों में भाग लेती है और सीबीआई बुलेटिन के प्रकाशन का भी प्रभारी है।

इंटरपोल एकक राष्ट्रीय केन्द्रीय ब्यूरो का सचिवालय है और निदेशक, सीबीआई को राष्ट्रीय केन्द्रीय ब्यूरो के अध्यक्ष होने के तौर पर उसकी सहायता करता है। इंटरपोल एकक राष्ट्रीय केन्द्रीय ब्यूरो के सचिवालय के रूप में अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन-इंटरपोल के साथ सम्पर्क का कार्य करती है और इंटरपोल के सदस्य देशों के साथ सम्पर्क स्थापित करने का कार्य करती है। विदेशों में किए जाने वाले सीबीआई या राज्य पुलिस के मामलों के अन्वेषण हेतु यह अन्वेषण संबंधी निवेदनों के पत्राचारों की देखरेख और अनुवर्ती कार्रवाई करती है। इसी प्रकार बाहरी देशों से भारत में अन्वेषण हेतु निवेदनों को इंटरपोल एकक द्वारा राज्य पुलिसों को अग्रसारित कर दी जाती है और उस पर अनुवर्ती कार्रवाई भी की जाती है।


केन्द्रीय न्यायवैद्यक विज्ञान (फॉरेंसिक) प्रयोगशाला

केन्द्रीय न्यायवैद्यक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) अपराध अन्वेषण से संबंधित फॉरेंसिक विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ राय प्रदान करती है। दिल्ली पुलिस और सीबीआई के अलावा यह आपराधिक मामलों में केन्द्रीय सरकार विभागों, राज्यों, राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं, रक्षा बलों, सरकारी उपक्रमों, विश्वविद्यालयों, बैंकों इत्यादि का सहयोग करती है। प्रयोगशाला में विशेष समस्याओं के समाधान हेतु एक शोध एवं विकास व्यवस्था भी है। सीएफएसएल में उपलब्ध विशेषज्ञों का सीबीआई, आईसीएफएस, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और विधि प्रवर्तन पाठ्यक्रम को संचालित करने वाले सरकारी विभागों के द्वारा संचालित शिक्षण तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी उपयोग किया जाता है। प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा फॉरेंसिक विश्लेषणों तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को एकत्रित करने में सीएफएसएल के अधीन कार्यरत साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला एवं डिजिटल इमेजिंग केन्द्र सहायता करते हैं। सीएफएसएल के विशेषज्ञों को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने हेतु सम्मन किया जाता है। उनकी सेवा अन्वेषण एजेंसियों के द्वारा अपराध स्थल के निरीक्षण में भी उपयोग की जाती है।


प्रशिक्षण प्रभाग

गाजियाबाद स्थित सीबीआई अकादमी एक आधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र है जो एक आधुनिक अपराध अन्वेषक को बनाने हेतु विशेषीकृत ज्ञान एवं कौशल प्रदान करता है। नव-नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों, उप-निरीक्षकों एवं आरक्षकों के लिए आवासीय फाउंडेशन पाठ्यक्रम का संचालन किया जाता है। सीबीआई एवं राज्य पुलिस के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के सतर्कता अधिकारियों को विशेषीकृत विषयों के पाठ्यक्रमों पर पुनश्चर्या पाठ ( रिफ्रेशर कोर्स) भी कराया जाता है।


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